
KPN24:- शिक्षा विभाग में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के साथ ही अब छत्तीसगढ़ में तबादला नीति को लेकर अटकलें भी तेज है। खबर है कि ट्रांसफर पर लगी रोक सरकार जल्द हटा सकती है। अटकलों के बीच कैबिनेट की बैठक भी होने वाली है, लिहाजा कयासों का दौर तेज है। दरअसल पिछले दो सालों से छत्तीसगढ़ में तबादले पर रोक नहीं हटी है, हालांकि समन्वय के अनुमोदन से तबादले जरूर हो रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के लिए तबादले की खुली नीति 2022 के बाद से ही नहीं आयी है।
हालांकि तबादले पर रोक हटाने का फैसला कैबिनेट को ही लेना है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो कैबिनेट में तबादला नीति का प्रस्ताव आ सकता है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। इसमें द्वितीय से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अपने गृह क्षेत्र या आसपास जाने का अवसर मिलेगा। पिछले दो वर्षों से कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूर्ण रोक लगी हुई है, हालांकि सीमित समन्वय अनुमोदन के आधार पर कुछ तबादले हुए हैं। अब उम्मीद है कि जुलाई-अगस्त में नई स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2022 के बाद से तबादला नीति लागू नहीं की गई है, जिससे राज्य के लाखों कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, अब चर्चा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में सरकार तबादले पर लगी रोक को हटाने का प्रस्ताव ला सकती है। यदि कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित होता है, तो द्वितीय से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारियों को अपने गृह जिले या समीपवर्ती क्षेत्र में स्थानांतरण का मौका मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण नीति में विशेष रूप से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल तबादले की समयावधि और स्थानांतरण की अधिकतम सीमा (प्रतिशत) को कैबिनेट तय करेगी। पुलिस विभाग को इस नीति से बाहर रखा गया है।
जिला स्तर पर स्थानांतरण का स्वरूप:
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिला स्तरीय स्थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किए जाएंगे।
तृतीय श्रेणी: कुल कर्मचारियों की संख्या का अधिकतम 10%
चतुर्थ श्रेणी: कुल कर्मचारियों की संख्या का अधिकतम 10%
स्थानांतरण के बाद कर्मचारी को 10 दिन में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानांतरण आदेश जारी करने से पहले कलेक्टर द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानांतरण उसी संवर्ग और अधिकार क्षेत्र में हो।
राज्य स्तर पर स्थानांतरण की प्रक्रिया:
राज्य स्तर पर अगस्त-सितंबर के बीच विभिन्न विभागों द्वारा स्थानांतरण किए जा सकेंगे। इसके लिए प्रस्ताव संबंधित विभाग द्वारा तैयार किए जाएंगे और विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद ही उन्हें क्रियान्वित किया जाएगा।
विशेष ध्यान इन बिंदुओं पर रहेगा:
बस्तर और सरगुजा संभाग में रिक्त पदों की पूर्ति प्राथमिकता के आधार पर।
दिव्यांग कर्मचारियों को आवागमन की दृष्टि से सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापना।
वरिष्ठ पदों पर केवल समकक्ष अधिकारी की ही पदस्थापना की जाएगी, कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभार नहीं सौंपा जाएगा।
स्थानीय निवासी कर्मचारियों का जिला के बाहर स्थानांतरण नहीं होगा, परंतु अधिसूचित जिलों के बीच आपसी सहमति से स्थानांतरण संभव होगा।
शिक्षा विभाग में तबादले को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। विभाग में इन दिनों युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत शिक्षकों का व्यापक पैमाने पर पुनर्संयोजन किया जा रहा है, जिसे ही तबादला मानते हुए क्रियान्वित किया जाएगा। केवल विभाग के लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे।










