
KPN24:- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के रुवाड गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां युक्तियुक्तकरण में हुए ट्रांसफर होने से दुखी शिक्षिका ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की गनीमत रही कि समय रहते पति ने जान बचा ली। वहीं फिंगेश्वर ब्लॉक की कई महिला शिक्षिकाओं ने खुलकर कहा कि यह ट्रांसफर नहीं, मानसिक उत्पीड़न है.
मिली जानकारी अनुसार प्राथमिक शाला रूवाड की शिक्षिका राजकुमारी बघेल ने उस वक्त जिंदगी से हार मान गईं जब युक्तियुक्तकरण के नाम पर दिनभर काउंसलिंग की दौड़ भाग और आदेश की लुका-छुपी ने उन्हें तोड़ कर रख दिया. उनके पति पूनम बंजारे के मुताबिक सुबह से शाम और फिर रात तक उन्हें यह कहकर रोका गया कि थोड़ी देर में आदेश मिलेगा लेकिन आदेश ना मिला, सिर्फ आश्वासन की फाइलें चलती रहीं. जब मानसिक स्थिति बिगड़ी, तो उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया, लेकिन किस्मत से बच गईं.
200 किलोमीटर दूर भेजा
फिंगेश्वर ब्लॉक की कई महिला शिक्षिकाओं ने खुलकर कहा यह ट्रांसफर नहीं, मानसिक उत्पीड़न है. 50 से अधिक महिला शिक्षिकाओं को 200 किलोमीटर दूर जंगलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में भेजा गया है, जबकि ब्लॉक में कई स्कूल खाली हैं.
विभाग का जवाब
जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने इस पूरे मामले को नकारते हुए कहा कि सुसाइड अटेम्प्ट वाला कोई मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है. जो ट्रांसफर हुए नियमानुसार हुए है.










