
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर
KPN24:- शहर में यूं तो दो दिनों से हो रही रिमझिम बरसात के कारण मौसम में नमी और ठंडक घुली रही लेकिन कांग्रेस में गर्मागर्मी देखने को मिली। मौका था केंद्रीय पर्यवेक्षक की टीम के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष के दावेदारों की रायशुमारी का।
दरअसल कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक चेतन चौहान, प्रदेश प्रभारी विजयालक्ष्मी साधौ और जिला प्रभारी ग्यारसीलाल रावत सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने अमरावती रोड स्थित गुर्जर भवन में शहरी और ग्रामीण जिला अध्यक्ष के लिए दावेदारों और जमीनी कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श किया।
बता दें कि एक पखवाड़े में कांग्रेस का ये दोबारा किया गया होमवर्क है। इससे पहले 16 जून को भी ये कसरत की जा चुकी है। फिर वहीं सब दोहराया गया। यहां फिर कांग्रेस की गुटबाजी देखने को मिली। बता दें कि 2023 विधानसभा चुनाव व नगर निगम चुनावों में कई कांग्रेस नेताओं ने बगावत कर एआईएमआईएम के लिए काम किया था जिससे पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद में निष्कासन की कार्रवाई भी हुई थी लेकिन कुछ महीनों में ही उन्हें फि र से पार्टी में ले लिया गया था, जिससे कांग्रेस की किरकिरी भी हुई थी। अब वो ही फि र से दावेदारी करते नजर आ रहे हैं। जिसको लेकर सोमवार को भी पर्यवेक्षक दल के सामने विरोध दर्ज कराया गया।
पार्टी में भीतराघात, गुटबाजी और अंर्तकलह है असली जड़
पर्यवेक्षक चेतन चौहान के सामने जिला कांग्रेस की गुटबाजी और अंर्तकलह साफ देखने को मिला। इस दौरान शहर अध्यक्ष पद के कई दावेदारों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की। जिलाध्यक्ष की इस रेस में रिंकू टांक, हर्षित ठाकुर, रफीक गुल मोहम्मद, सलीम कॉटनवाला, अनिता अमर यादव, नूर काजी और शैली कीर सहित कई नाम सामने आए हैं।
अल्पसंख्यक अध्यक्ष की मांग और भाई-भतिजावाद हावी
पर्यवेक्षक दल के सामने इस बार भी अल्पसंख्यक नेताओं ने अपने खेमे से अध्यक्ष का राग अलापा। उन्होंने इस बार मुस्लिम अध्यक्ष बनाने की मांग की। जबकि पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्रसिंह ने उनके भतिजा हर्षित ठाकुर के लिए ताल ठोंक कर भाई-भतिजा वाद की बेल को सींचने पर बल दिया। उन्होंने पर्यवेक्षक के सामने ठाकुर परिवार की जिले और कांग्रेस की दी गई सौगातों का हवाला देकर भतिजे के लिए अध्यक्ष पद मांगा।
बहरहाल, तमाम किंतु-परंतु के बीच पर्यवेक्षक दल ने सभी को संतुष्ट करने की कोशिश कर सबकी बातें सुनी। अब ये दल भोपाल जाकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को बुरहानपुर का रिपोर्ट कार्ड बनाकर देंगे। उसके बाद वहां से अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि राहूल गांधी की प्राथमिकता के आधार पर इस बार कमान युवा के हाथों में थमाई जा सकती है।










