
KPN24:- छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल लाने वाला महादेव सट्टा के बाद खैरागढ़ छुईखदान गंडई पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. नागपुर में चल रहे ऑनलाइन सट्टा एप की ब्रांच को पकड़ने में सफलता पाई है. इस दौरान पुलिस ने मौके से 6 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना समेत कुछ आरोपी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
नागपुर में दी गई दबिश
एसपी लक्ष्य शर्मा के निर्देशन में सायबर सेल और थाना छुईखदान की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के बाद नागपुर में दबिश दी. यहां एक फ्लैट से मोबाइल और लैपटॉप के ज़रिए देशभर में ऑनलाइन सट्टा चलाया जा रहा था.
ये चीजें की गई जब्त:
पुलिस ने फ्लैट से 50 हजार नकद, 2.28 लाख बैंक खातों में जमा राशि, 25 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 26 एटीएम कार्ड, 19 पासबुक, 14 चेकबुक, 8 आधार कार्ड, पासपोर्ट, वाई-फाई राउटर और सट्टे से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं. कुल मिलाकर 7.5 लाख रुपये की संपत्ति पुलिस ने ज़ब्त की है.
20 करोड़ का लेन-देन भी मिला: जांच में पता चला है कि सट्टा रैकेट के जरिए बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से लगभग 20 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया. इसे पुलिस ने सीज कर दिया है.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टा और जुए से दूर रहें और इस तरह की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके.
देखिए कार्रवाई की तस्वीरें

ऑनलाइन सट्टा क्या है?
ऑनलाइन सट्टा एक अवैध गतिविधि है जिसमें इंटरनेट या मोबाइल एप्स के जरिए जुए और सट्टेबाज़ी की जाती है. इसमें लोग पैसे लगाकर खेल, लॉटरी, कार्ड गेम या अन्य डिजिटल गेम्स पर दांव लगाते हैं. ये सट्टा एप्स आमतौर पर सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए प्रचारित किए जाते हैं और इसमें तेजी से पैसा कमाने का लालच दिया जाता है. हालांकि, यह पूरी तरह गैरकानूनी है और इसमें शामिल होना व्यक्ति को आर्थिक और कानूनी जोखिम में डाल सकता है. पुलिस और प्रशासन लगातार ऐसे नेटवर्क्स पर नजर रख रहे हैं और कार्रवाई कर रहे हैं ताकि समाज को इस तरह की अवैध गतिविधियों से सुरक्षित रखा जा सके.










