
KPN24 :- 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्य के कलाकारों और रचनाकारों को इस प्रतिष्ठित मंच पर राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दीपक किंगरानी को फ़िल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफ़ी है’ में सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी लेखनी ने फिल्म को गहराई और प्रभाव प्रदान किया, जिसे समीक्षकों और दर्शकों दोनों से सराहना मिली।
इसके साथ ही रायगढ़ इप्टा के सहयोग से निर्मित नॉन-फ़ीचर फ़िल्म ‘The First Film’ ने भी दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। रायगढ़ के विभिन्न लोकेशनों में फिल्मायी गई इस डॉक्यूमेंट्री में स्थानीय कलाकारों की अहम भूमिका रही। यह फिल्म छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और लोक कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मक क्षमता और कला जगत के प्रति समर्पण का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। यह हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण है।”
छत्तीसगढ़ की रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मिले इस सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि राज्य के कलाकार और लेखक देश की कला और सिनेमा को नई दिशा देने में सक्षम हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी विजेताओं और प्रदेशवासियों को इस सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।










