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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में किया शिरकत

KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में हरिभूमि एवं आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में भाग लिया और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की नीतियों व प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा, “शिक्षा राष्ट्र निर्माण की बुनियाद है और हमारी सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शैक्षिक सुधारों की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों की संख्या में असंतुलन की पहचान कर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है, और इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद विद्यालयों को फिर से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तेजी से लागू किया गया है। अब राज्य में 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है, जिससे स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि हुई है।

पीएम-श्री स्कूल योजना के अंतर्गत हाई-टेक सुविधाएं दी जा रही हैं, विद्यालयों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है तथा छात्रावासों के हालात सुधारने हेतु भी कदम उठाए गए हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और विकास की नई राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार कर स्थायी समाधान की ओर कदम बढ़ाया गया है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत नक्सलियों के पुनर्वास के प्रयासों से अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सुरक्षा बलों के ऑपरेशनों में कई सक्रिय नक्सली निष्क्रिय भी किए गए हैं।

बस्तर की बदलती तस्वीर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है। बस्तर में बोधघाट परियोजना के तहत 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावाट बिजली उत्पादन का कार्य प्रगति पर है।

शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब तक 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि राज्य बनने के समय केवल एक मेडिकल कॉलेज था। राज्य में 19 निजी विश्वविद्यालय कार्यरत हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि “विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के विजन डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे शिक्षा राज्य की जीएसडीपी में एक मजबूत योगदानकर्ता बन सके।

उत्कृष्ट शिक्षकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में सुश्री के. शारदा, बी. आर. साहू, भरत किशोर यादव, डॉ. धनंजय पाण्डेय एवं बलदाऊ सिंह श्याम शामिल थे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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