
KPN24:- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ किया। यह ऐतिहासिक उत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर 6 फरवरी 2026 तक यानी पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में जनभागीदारी और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
“यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों का सामूहिक उत्सव है। हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र की सक्रिय भागीदारी से ही इसका उद्देश्य पूरा होगा।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
“हम सब मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ।
छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की उपलब्धियाँ
धान खरीदी : 3,100 रु. प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदी।
किसानों को दो वर्षों में 1 लाख करोड़ रु. से अधिक की राशि का सीधा भुगतान।
राज्य की जीएसडीपी 21 हजार करोड़ रु. से बढ़कर 5 लाख करोड़ रु. तक पहुँची।
लक्ष्य : अगले 5 वर्षों में जीएसडीपी को 10 लाख करोड़ रु. तक ले जाना।
आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना।
नई औद्योगिक नीति से अब तक 6 लाख करोड़ रु. से अधिक का निवेश आकर्षित।
संस्कृति और परंपरा का संगम
रजत महोत्सव के दौरान बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे पारंपरिक आयोजन होंगे।
जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत और विकास की भावना के साथ उत्सव को स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा।
विशेष पहल
रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण।
सभी विभागों को एक-एक सप्ताह की जिम्मेदारी, जिसके तहत गाँव-गाँव तक कार्यक्रम होंगे।
नागरिकों को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष आयोजन।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थिति
शुभारंभ कार्यक्रम में विधायकगण, आयोग एवं बोर्ड अध्यक्ष, साहित्यकार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पूरे उत्साह और गर्व के साथ इस रजत महोत्सव में शामिल हों और इसे ऐतिहासिक बनाएँ।










