
KPN24:- बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्यभर में जर्जर सड़कों और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग (PWD) समेत कई जिम्मेदार एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अदालत ने विशेष रूप से बिलासपुर की पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़क का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क पर पड़े बड़े क्रेक्स दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। कोर्ट ने इस सड़क की मरम्मत तत्काल करने का निर्देश दिया और साफ कहा कि अब इस पर निरंतर मॉनिटरिंग होगी। अगली सुनवाई 4 सितंबर को तय की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया, “क्या केवल कोर्ट की निगरानी में ही सड़कें बनेंगी? क्या सरकार अपनी जिम्मेदारी खुद नहीं निभा सकती?” कोर्ट ने याद दिलाया कि इस सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई। साथ ही रायपुर के धनेली एयरपोर्ट रोड और सेंदरी बाईपास का फुट ओवरब्रिज प्रोजेक्ट भी अधर में लटका हुआ है।
हाईकोर्ट ने केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में हो रहे सड़क हादसों पर गंभीर चिंता जताई। हाल ही में कवर्धा जिले में पिकअप वाहन दुर्घटना में 19 आदिवासियों की मौत और पिछले चार सालों में 107 मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया गया है। इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई, एसईसीएल और एनटीपीसी को कठोर निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई तक सुधार नहीं दिखा तो जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने आदेश दिया कि सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए। साथ ही ब्लैक स्पॉट और जर्जर सड़कों पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अदालत ने पीडब्ल्यूडी सचिव और एनएचएआई क्षेत्रीय अधिकारी से व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा है।
इसी दौरान सोमवार को अदालत में एनटीपीसी ने राखड़ परिवहन पर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर अपना पक्ष रखा। हलफनामे में एनटीपीसी ने बताया कि उसने जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है। नए एसओपी के तहत अब बिना 200 जीएसएम तिरपाल से ढके कोई भी ट्रक बाहर नहीं जाएगा। वाहनों की तस्वीरें खींचकर रिकॉर्ड रखा जाएगा, ANPR कैमरे और डिजिटल वजनी पुल लगाए गए हैं और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने की व्यवस्था की गई है।










