
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह केवल एक व्यक्ति पर किया गया आक्षेप नहीं है, बल्कि पूरे देश की गरिमा और 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान पर चोट है। उन्होंने कहा कि श्री अमित शाह देश की सुरक्षा और एकता के प्रहरी हैं और उन पर इस प्रकार की टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा अपमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विपक्ष के पास जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं रह जाते, तब वह इस तरह की व्यक्तिगत और अपमानजनक बयानबाजी करता है। उन्होंने इसे “दूषित मानसिकता” और “राजनीतिक दिवालियापन” की पराकाष्ठा बताया। श्री साय ने कहा कि ऐसे वक्तव्य न केवल संसद और राजनीति की गरिमा को ठेस पहुँचाते हैं, बल्कि आम जनता की संवेदनाओं को भी गहरी चोट पहुँचाते हैं।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की सांसद का यह बयान उनकी पार्टी की राजनीतिक संस्कृति और नेतृत्व की मौन सहमति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी इस बयान से सहमत नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत सार्वजनिक रूप से इसका खंडन कर महुआ मोइत्रा पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता, तो यह माना जाएगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी इस दूषित सोच को बढ़ावा दे रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मामला केवल एक विवादित बयान का नहीं, बल्कि देश के संवैधानिक पदों और राजनीतिक तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि यह हमला वास्तव में हर भारतीय की अस्मिता और सम्मान पर है, और देश की जनता इस अपमानजनक कृत्य को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी से पूरे देश से माफी माँगने की मांग की और कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार है, लेकिन अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को समझना चाहिए कि सत्ता की राजनीति में इस प्रकार की बयानबाजी राष्ट्रहित के विरुद्ध है और जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था से कम करती है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भाजपा और देश की जनता इस शर्मनाक बयान का कड़ा विरोध करेगी। उल्लेखनीय है कि तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने हाल ही में सार्वजनिक मंच से गृहमंत्री अमित शाह की हत्या किये जाने का आह्वान किया था, जिसके खिलाफ पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है।










