
KPN24:- छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।
कार्यक्रम में वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के चेयरमैन डॉ. गुरुनाथ रेड्डी एवं प्रबंधन टीम उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित हर नागरिक को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व जिस अस्पताल की नींव रखी गई थी, आज उसकी दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष और गणेश महोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत बताया।
उन्होंने कहा, “बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं। अब यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को तत्काल और जीवनरक्षक इलाज यहीं मिलेगा, जिन्हें पहले रायपुर भेजना पड़ता था।”
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर और बिलासपुर तक सीमित चिकित्सा सुविधाएँ अब बस्तर में भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन जुटाएगा।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह अस्पताल 11 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें 240 बिस्तरों की क्षमता होगी। परियोजना में 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार, 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) का योगदान शामिल है।
10 मंजिला यह अस्पताल अत्याधुनिक मशीनों व उपकरणों से लैस होगा। यहाँ हृदय रोग, किडनी रोग, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सहित कई सुपर स्पेशियलिटी विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाएँ सरकारी दरों पर उपलब्ध रहेंगी।
इस अस्पताल से न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और लाखों लोगों को जीवनदायी सुविधा प्राप्त होगी।










