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करमा तिहार के रंग में डूबा मुख्यमंत्री निवास, करमा दलों का हुआ सम्मान

KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसे जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व समाज को जोड़ने और स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।

मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार में शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा दलों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा तिहार आदिवासी संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि एकादशी करमा तिहार कुंवारी बेटियों का पर्व है, जिसमें वे भगवान शिव और माता पार्वती से अच्छे वर और गृहस्थ जीवन की कामना करती हैं। इसी तरह दशहरा करमा और जियुत पुत्रिका करमा पर्व भी बेटियों और संतानों की मंगलकामना से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का योगदान अविस्मरणीय है। छत्तीसगढ़ में अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। राज्य सरकार नवा रायपुर में निर्मित हो रहे ट्राइबल म्यूजियम में इन महानायकों की गाथाओं को प्रदर्शित करेगी। राज्य निर्माण की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से इस संग्रहालय का शुभारंभ कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण के लिए सतत कार्यरत है। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आदिवासी मंत्रालय का गठन कर ऐतिहासिक कदम उठाया था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के लिए जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान संचालित कर रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति में बस्तर और सरगुजा को विशेष रियायतें दी हैं तथा शिक्षा के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं की स्थापना की जा रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि करमा तिहार हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति की संरक्षक श्रीमती कौशिल्या साय ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति प्रेम और संरक्षण का पर्व है। समाज की महिलाएँ संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Author: Kpn 24

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