
KPN24:- छत्तीसगढ़ के प्रतापगढ़ में डीएवी पब्लिक स्कूल की दूसरी कक्षा में छात्रा को एक महिला शिक्षिका द्वारा अमानवीय सजा दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिक्षिका ने टॉयलेट जाने पर छात्रा को 100 बार उठक-बैठक कराने के साथ डंडे भी मारे, जिससे बच्ची के पैरों की मसल्स क्रैक हो गईं। फिलहाल वह चलने-फिरने में असमर्थ है और निजी अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
मिली जानकारी अनुसार पीड़ित छात्रा का नाम समृद्धि गुप्ता है, जो दूसरी कक्षा में पढ़ती है। बच्ची ने बताया कि टॉयलेट जाते समय शिक्षिका नम्रता गुप्ता मोबाइल चला रही थीं। जब उन्होंने बच्ची से घूमने का कारण पूछा और बच्ची ने टॉयलेट जाने की बात कही, तो शिक्षिका ने पहले दो डंडे मारे और फिर क्लास में 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दी। इसके बाद बच्ची के घुटनों में तेज दर्द शुरू हो गया और वह खड़ी होने या चलने में असमर्थ हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के पैरों की मसल्स क्रैक हो गई हैं।

परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत
समृद्धि के पिता मनोज गुप्ता अंबिकापुर में कार्यरत हैं। बच्ची गुतुरमा में अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के साथ रहकर पढ़ाई करती है। परिजनों ने इस घटना की शिकायत सरगुजा एसपी से की है।
शिक्षा विभाग ने दी प्रतिक्रिया
सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश झा ने कहा कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। वहीं, सीतापुर ब्लॉक की बीईओ (BEO) इंदु तिर्की ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की टीम दो दिनों के भीतर जांच करेगी। यदि शिक्षिका दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










