
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम सोंठी में ऑयल पाम की खेती का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उन्हें ऑयल पाम की खेती के लाभों से अवगत कराया और इसे दीर्घकालिक आय का सशक्त माध्यम बताया।
कलेक्टर महोबे ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, तकनीकी मार्गदर्शन और सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। प्रारंभिक वर्षों में किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए अंतरवर्ती फसलों की खेती पर भी सहायता दी जा रही है। उन्होंने जिले में ऑयल पाम खेती को विशेष अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने उद्यानिकी और कृषि विभाग को निर्देशित किया कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाए। महिलाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार की ओर अग्रसर किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत, सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती रंजना माखीजा, कृषक पुरुषोत्तम शर्मा सहित विभागीय अधिकारी, स्थानीय किसान और महिला समूह की सदस्य मौजूद थे।
सहायक संचालक उद्यानिकी ने जानकारी दी कि जिले में ऑयल पाम खेती के लिए 500 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 29 हजार रुपये मूल्य के 143 पौधे निःशुल्क दिए जा रहे हैं। पौधरोपण, फेंसिंग, सिंचाई और अंतरवर्ती फसलों की कुल लागत करीब 4 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर आती है। इसमें केंद्र सरकार से 1.30 लाख और राज्य सरकार से 1.29 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
योजना में बोरवेल, पंप सेट, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, पॉम कटर, वायर मेश, मोटराइज्ड चिस्ल और ट्रैक्टर ट्रॉली के लिए भी अनुदान का प्रावधान है। ऑयल पाम का उत्पादन तीसरे वर्ष से शुरू होकर 25 से 30 साल तक लगातार होता है। एक हेक्टेयर से हर साल लगभग 20 टन उपज मिलने की संभावना है, जिससे किसानों को 2.5 से 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय हो सकती है।










