
KPN24:- जांजगीर- चाम्पा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव के लापता उपसरपंच महेंद्र बघेल का शव रविवार देर शाम सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र के साराडाई गांव में महानदी में दिखाई दिया। शव की पहचान उसके कपड़ों से की गई है। उपसरपंच बीते 48 घंटे से लापता था। शव को कल सुबह DDRF की टीम नदी से बाहर निकालेगी।
इधर, बिर्रा पुलिस ने हत्या का जुर्म दर्ज कर सरपंच पति राजकुमार साहू समेत 9 आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पंचायत की राशि की बंदरबांट को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। शुरुआती खुलासे में गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई है। हालांकि, 9 सितंबर मंगलवार को होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।
6 सितंबर की रात हुई थी गुमशुदगी
जानकारी के मुताबिक, 6 सितंबर की रात लगभग 9:30 बजे उपसरपंच महेंद्र बघेल अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने अगले दिन 7 सितंबर को बिर्रा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही सरपंच पति राजकुमार साहू पर पुरानी अनबन को लेकर शक भी जताया था।
पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस ने जब संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों ने गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बरेकेल पुल से महानदी में फेंकने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने DDRF टीम और ड्रोन की मदद से नदी में शव की तलाश शुरू की थी।
काफी मशक्कत के बाद रविवार शाम डभरा क्षेत्र के साराडाई गांव में शव नजर आया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है और आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। कल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की पूरी कहानी साफ हो पाएगी।










