
KPN24 :- कभी नक्सल प्रभावित और उपेक्षित रहा बस्तर अब निवेश, अवसर और विकास का नया केंद्र बन रहा है। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में अब तक ₹967 करोड़ से अधिक के निजी निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे 2100 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे। वहीं कुल मिलाकर लगभग ₹52,000 करोड़ के सार्वजनिक और निजी निवेश बस्तर को औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
रेल–सड़क परियोजनाओं से नई उड़ान
बस्तर में ₹5,200 करोड़ की रेल परियोजनाएँ (रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन और केके लाइन दोहरीकरण) तथा ₹2,300 करोड़ की सड़क परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इनसे आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
जगदलपुर में 350 बेड का पहला निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज ₹550 करोड़ के निवेश से स्थापित होगा। इसके अलावा अन्य अस्पताल और मेडिकल प्रोजेक्ट बस्तर को स्वास्थ्य व शिक्षा का नया केंद्र बनाएँगे।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
आधुनिक राइस मिल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी प्रोजेक्ट और कोल्ड स्टोरेज से किसानों को बेहतर मूल्य और स्थानीय युवाओं को रोज़गार मिलेगा।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में नए अवसर
ईको-टूरिज्म, रिजॉर्ट और वेलनेस सेंटर जैसी परियोजनाएँ बस्तर की प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाएँगी।
औद्योगिक नीति 2024–30 का लाभ
नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन और एससी/एसटी व नक्सल प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने वाली इकाइयों को पाँच साल तक वेतन सब्सिडी भी मिलेगी।
विश्वास निर्माण और नक्सल उन्मूलन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के 100 से अधिक बस्तर दौरे और “नियद नेल्ला नार” योजना से गाँव-गाँव तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। पुनर्वास नीति और सुरक्षा शिविरों की स्थापना ने नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा बदलाव किया है।










