
मनीष विद्यार्थी खरगोन
KPN24:- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की महेश्वर उपजेल से सरकारी पिस्टल गायब होने का मामला अब और गंभीर हो गया है। चार महीने पहले सामने आए इस मामले में जेल अधीक्षक बुद्धि विलास आखर निलंबित कर दिए गए हैं और पुलिस ने उन पर एफआईआर भी दर्ज की है। लेकिन एफआईआर के बाद से ही जेलर फरार हैं।
कैसे हुआ खुलासा
महेश्वर उपजेल का प्रभार लेने पहुंचीं प्रभारी जेल अधीक्षक श्वेता मीणा ने चार्ज लेने की प्रक्रिया के दौरान पाया कि जेलर को दी गई सरकारी पिस्टल गायब है। जब इस पर सवाल उठे तो आखर ने अनभिज्ञता जताकर पल्ला झाड़ लिया।
पुलिस जांच में टकराव
पुलिस जांच में लापरवाही साबित होने पर जेलर सहित 3 अन्य कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। प्रहरी चंद्रशेखर शर्मा की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गया। वहीं मुख्य आरोपी जेलर आखर अब तक फरार हैं।
जांच अधिकारी एसआई सुनील जमाले के मुताबिक, जेल विभाग पुलिस को जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा रहा। पिछले दो साल का मुलाकात रजिस्टर, अन्य रिकॉर्ड और सीसीटीवी डीवीआर मांगे गए थे, लेकिन अब तक नहीं दिए गए।
विभाग की चुप्पी, सवालों के घेरे में अफसर
इतना गंभीर मामला सामने आने के बावजूद विभाग ने इसे मीडिया से छुपाए रखा। सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग आरोपी जेलर को बचाने की कोशिश कर रहा है।
जिम्मेदारों के बयान
श्वेता शुक्ला, एसडीओपी महेश्वर – “अभी-अभी ज्वाइन किया है, मुझे जानकारी नहीं है।”
जगदीश गोयल, टीआई महेश्वर – “जांच चल रही है, एक गिरफ्तारी हो चुकी है।”
श्वेता मीणा, प्रभारी जेलर महेश्वर – “विभागीय जांच जारी है, मीडिया से जानकारी साझा करने का अधिकार नहीं है।”










