
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में बायोमैट्रिक उपस्थिति को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में यह खुलासा हुआ कि छात्रों की उपस्थिति फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के ज़रिए फर्जी तरीके से दर्ज की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से हो रही थी फर्जी हाज़िरी
जांच में पाया गया कि कॉलेज में छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए बायोमैट्रिक सिस्टम का दुरुपयोग किया जा रहा था। फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के माध्यम से उन छात्रों की उपस्थिति भी दर्ज की जा रही थी, जो वास्तव में कॉलेज में उपस्थित नहीं थे। इस तकनीकी धोखाधड़ी का उपयोग कर लंबे समय से हाज़िरी का फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।
दो अधिकारी दोषी पाए गए, तत्काल सेवा समाप्त
जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में दो अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई। इनमें सहायक संचालक मयंक शुक्ला और लेखापाल ऋचा अग्रवाल शामिल हैं। दोनों को छत्तीसगढ़ संविदा नियुक्ति नियम 2012 के तहत तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों की लापरवाही और अनियमितता सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं और छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही थी, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, अन्य संस्थानों में भी हड़कंप
इस घोटाले के उजागर होने के बाद जिले के अन्य शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों में भी हड़कंप मच गया है। छात्रों की उपस्थिति से संबंधित इस तरह की गंभीर अनियमितता ने न केवल पढ़ाई को प्रभावित किया, बल्कि शासन की योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच जारी, और भी हो सकती हैं कार्रवाईयां
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जांच अभी जारी है। यदि आगे किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई के साथ ही जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी योजनाओं और संस्थानों में भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर महोबे ने कहा कि “छात्रों के भविष्य और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।”










