
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा में राष्ट्रप्रेम और संगठन शक्ति का अद्भुत दर्शन बलौदा नगर में तब देखने को मिला, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बलौदा मंडल के स्वयंसेवकों ने संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य पथ संचलन किया। इस अवसर पर नगर ही नहीं, आसपास के गाँवों से भी सैकड़ों स्वयंसेवक एकत्र हुए और अनुशासन, वेशभूषा तथा राष्ट्रभक्ति के स्वरूप से जनमानस को प्रेरित किया।
पथ संचलन की शुरुआत सरस्वती शिशु विद्यामंदिर से हुई, जो बुधवारी बाजार, कसेर पारा, गोड़पारा, कोसगाई मंदिर, हटरी चौक, गांधी चौक, हनुमान कुटी, गुरु घासीदास चौक, कहरापारा, बजरंग नगर धान मंडी और कंकालिन मंदिर होते हुए पुनः शिशु मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुआ। मार्गभर नगरवासी, माताएँ-बहनें और युवजन चौक-चौराहों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन करते रहे। वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंजता रहा।
दशहरा उत्सव और शस्त्र पूजन
कार्यक्रम के पश्चात दशहरा उत्सव के अवसर पर एक भव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें स्वयंसेवकों ने सुभाषित, अमृत वचन और एकल गीत प्रस्तुत कर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
खण्ड संघचालक हरिशंकर देवांगन ने संघ की स्थापना, उसके कार्य एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। इसके साथ ही शस्त्र पूजन कर दशहरा उत्सव विधि-विधान से सम्पन्न हुआ।
गौरवमयी उपस्थिति
इस अवसर पर नगर कार्यवाह लवकुमार कैवर्त, जीवनलाल श्रीवास, संतोष देवांगन, नीलेश गुप्ता, लव देवांगन, संकेत कांसकार, कृष्ण कुमार सोनी (उपाध्यक्ष), अश्वनी कांसकार, कान्हा तिवारी, राज कँवर (पार्षद), शिवाजी अग्रवाल, भूपेंद्र गुप्ता, राधेश्याम सोनी, शरद कान्त सोनी, आनंद अग्रवाल, चुन्नीलाल सोनी, बाबा देवांगन (पार्षद), अनुप सोनी, दुर्गा रजक सहित सैकड़ों स्वयंसेवकों की सहभागिता रही।
राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय संदेश
बलौदा का यह ऐतिहासिक पथ संचलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संगठन की शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण रहा। शताब्दी वर्ष का यह उत्सव जनमानस में यह संदेश लेकर आया कि –
“संघ का कार्य व्यक्ति नहीं, राष्ट्र की महत्ता को सर्वोपरि मानता है।”










