
मनीष विद्यार्थी, खरगोन।
KPN24:- खरगोन जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मण्डलेश्वर अखिलेश जोशी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस एवं गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जिला जेल, खरगोन में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी चंद्रेश मंडलोई ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांत आज भी समाज के लिए पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है और यह दिन अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इस वर्ष गांधी जी की 156वीं जयंती मनाई जा रही है।
श्री मंडलोई ने कहा कि गांधीजी के अनुसार अहिंसा केवल शारीरिक चोट न पहुँचाना नहीं है, बल्कि यह एक सक्रिय और आत्मिक शक्ति है, जो प्रेम, करुणा और सत्य पर आधारित है। सत्याग्रह इसी का प्रतीक है, जिसमें अन्याय का विरोध सम्मान और प्रेम के साथ किया जाता है। अहिंसा का उद्देश्य स्थायी सामाजिक परिवर्तन और सद्भाव स्थापित करना है।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। गांधी जयंती का उद्देश्य उनके द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा और सादगी के विचारों का प्रसार करना है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को ईमानदारी, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करती हैं।
शिविर में मंडलोई द्वारा नालसा एवं सालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक विद्या भूषण प्रसाद, जेलर श्रीमती सुभद्रा ठाकुर, पी.एल.वी. श्रीमती नीलम, ओमप्रकाश पगारे, राजेश राठौड़, मुशर्रफ खान सहित जेल स्टाफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे।










