
मनीष विद्यार्थी, खरगोनl
KPN24:- नब्बे के दशक की पंकज उधास की मशहूर ग़ज़ल “हुई महंगी बहुत ही शराब के, थोड़ी-थोड़ी पिया करो” इन दिनों जिलेभर के शराब प्रेमियों पर सटीक बैठ रही है। कारण साफ़ है — जिले में शराब ठेकेदारों की मनमानी और आबकारी विभाग की ढिलाई ने शराब प्रेमियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शहर सहित जिलेभर की शराब दुकानों पर ठेकेदारों द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमतें वसूली जा रही हैं। दारू की हर बोतल पर उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं, जिससे पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए शराब और भी महंगी हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानों में रेट लिस्ट नदारद है और शराब विक्रेता मनचाहे दाम बताकर बिक्री कर रहे हैं। वहीं आबकारी विभाग की ओर से इन दुकानों पर कोई ठोस निगरानी नहीं दिख रही है।
जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस मनमानी को लेकर शराब उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब सरकार की ओर से शराब के लिए निश्चित मूल्य तय है, तो ठेकेदारों को अधिक वसूली का अधिकार नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि सभी दुकानों की जांच कराई जाए, रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कराई जाए और मनमाने दाम वसूलने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।










