
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष जागरूकता सत्र सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत परियोजना बम्हनीडीह के सेक्टर सरहर, परियोजना बलौदा के आंगनबाड़ी केंद्रों तथा परियोजना पामगढ़ के भुईगांव सेक्टर में एक साथ संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और “मैं भी कर सकती हूं” की भावना जगाना था। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि महिलाओं को घरेलू स्तर पर किए जा सकने वाले छोटे व्यवसायों जैसे — नमकीन, चिप्स, आचार, पापड़, बड़ियां और अन्य प्रोसेस फूड निर्माण की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने कौशल को आय के साधन में बदल सकें।
इसके साथ ही विभाग द्वारा ऋण एवं सक्षम योजना की जानकारी दी गई, जिससे महिलाएं सूक्ष्म और वृहद स्तर पर स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें। सत्र में महिलाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, बाल विवाह के दुष्परिणाम, तथा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं — सखी, नवा बिहान, जिला बाल संरक्षण इकाई और हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 108, 112, 102 — के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” की शपथ ली।
यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि नारी शक्ति को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने वाला एक प्रेरक कदम साबित हुआ। आज की यह “आधुनिक छत्तीसगढ़ की नारी” अपने सपनों को साकार करने की दिशा में दृढ़ संकल्पित है — शिक्षा, रोजगार और आत्मविश्वास से परिपूर्ण नई पहचान गढ़ रही है।










