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छत्तीसगढ़ की माटी की आवाज़ – पंडवानी बनी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

KPN24:- छत्तीसगढ़ की लोकविधा पंडवानी आज विश्व के मंचों पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुकी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसने छत्तीसगढ़ को न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है।”

वे आज दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ की माटी से उठी पंडवानी की गूंज

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन जैसे बड़े शहरों में भी महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध किया है।
उन्होंने कहा — “यह विधा हमारी संस्कृति की आत्मा है, जिसने नारी सशक्तिकरण और लोक चेतना को नई दिशा दी है।”

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, ईश्वर साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

तीजन बाई, झाड़ूराम देवांगन और उषा बारले को किया नमन

मुख्यमंत्री श्री साय ने भावनात्मक शब्दों में कहा कि “आज भी जब स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी का तंबूरा याद आता है, तो मन श्रद्धा से भर उठता है।”
उन्होंने कहा — “छत्तीसगढ़ की धरती का सौभाग्य है कि यहाँ तीजन बाई जैसी विभूति ने जन्म लिया, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हैं।”

मुख्यमंत्री ने पद्मश्री डॉ. उषा बारले की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गायन ने पंडवानी की परंपरा को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणाएँ : शिक्षा और विकास को नई दिशा

समारोह के मंच से मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं –
✅ नागरिक कल्याण महाविद्यालय, नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ होंगी।
✅ अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोला जाएगा।
✅ मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
✅ समुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
✅ क्षेत्र की सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

लोककला और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ की लोककला को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
कलाकारों की पेंशन राशि बढ़ाई गई है, और चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा — “जब अटल जी ने यह राज्य बनाया, तब उनकी मंशा विकास के साथ संस्कृति को सहेजने की थी। आज का यह आयोजन उनकी उस भावना को साकार कर रहा है।”

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Author: Kpn 24

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