
मनीष विद्यार्थी, खरगोन।
KPN24:- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के सनावद क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। घनी झाड़ियों के बीच किसी ने एक नवजात शिशु को फेंक दिया था। मासूम की रोने की आवाज़ सुनकर लोगों ने तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
स्थानीय नागरिकों की मदद से नवजात को सनावद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया।
पायलट तरुण बने जीवन रक्षक
मंगलवार को 108 एम्बुलेंस के पायलट तरुण दुधे पाटिल ने इस नवजात के लिए इंसानियत का असली फ़र्ज़ निभाया। बच्चे के सिर में गांठ होने की वजह से उपचार खरगोन में संभव नहीं था। ऐसे में तरुण ने बिना देर किए एम्बुलेंस से उसे सुरक्षित इंदौर के एमवाय अस्पताल पहुंचाया।
स्वास्थ्य विभाग में पायलट तरुण की इस संवेदनशील पहल की जमकर सराहना की जा रही है। उन्होंने कहा — “यह सिर्फ़ ड्यूटी नहीं थी, इंसानियत का कर्ज़ था जिसे निभाना मेरा फ़र्ज़ था।”
मानवता को झकझोरने वाली घटनाएं
जिले में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी समाज के संवेदनहीन रवैये को दर्शाती है। जहां कोई माँ-बाप अपने ही बच्चे को झाड़ियों में फेंक देते हैं, वहीं तरुण जैसे लोग उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आते हैं।
ज़रूरत है सामाजिक जागरूकता की
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए व्यापक जागरूकता अभियान की आवश्यकता है। समाज, प्रशासन और संस्थाओं को मिलकर यह संदेश देना होगा कि हर जीवन मूल्यवान है — और हर बच्चे को जीने का अधिकार है।










