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पेट्रोल पम्प में 65 लाख रुपए की षड्यंत्रपूर्वक किए गए गबन का खुलासा — पिता-पुत्र की साजिश, पुलिस ने तीनों को किया गिरफ्तार

KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक पेट्रोल पंप में काम करने वाले कर्मचारी ने अपने ही पिता और भाई के साथ मिलकर पूरे 65 लाख रुपए के गबन की गुत्थी रच डाली। लंबे समय तक चल रहे इस षड्यंत्र का पर्दाफाश बम्हनीडीह थाना पुलिस और सायबर टीम की चौकसी से हुआ।

मामला सारागांव रोड स्थित प्योर पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का है, जहां प्रार्थी गगन जयपुरिया की शिकायत पर यह धोखाधड़ी उजागर हुई। रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी से 23 सितंबर 2025 के बीच आरोपी नीरज कुमार साहू ने पेट्रोल पंप के पूरे लेनदेन और बैंक संबंधी कार्यों का जिम्मा संभालते हुए षड्यंत्रपूर्वक 65 लाख रुपए हड़प लिए।

पारिवारिक गठजोड़ में रचा गया आर्थिक अपराध

आश्चर्य की बात यह रही कि इस पूरे गबन में नीरज का साथ उसके ही पिता लोचन प्रसाद साहू (50) और छोटे भाई धीरज कुमार साहू (23) ने दिया। तीनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से रकम को इधर-उधर किया और जांच से बचने की कोशिश की।

मुख्य आरोपी नीरज कुमार साहू, जो वर्ष 2022 से पेट्रोल पंप में कार्यरत था, ने पूछताछ में स्वीकार किया कि मालिक के अनुपस्थित रहने और हिसाब-किताब की नियमित जांच न होने का लाभ उठाकर उसने रकम को धीरे-धीरे गबन किया। हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई कि आरोपी ने अधिकांश रकम जुए और सट्टे में गंवा दी, जबकि कुछ रकम अपने पिता और भाई को ट्रैक्टर की किश्त चुकाने के लिए दी गई।

सायबर टीम की सक्रियता से रायपुर से हुई गिरफ्तारी

मुख्य आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश और अति. पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर टीमें रवाना कीं। एसडीओपी यदुमनी सिदार के नेतृत्व में सायबर तकनीकी की मदद से आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपी के पास से ₹50,000 नकद व एक मोटरसाइकिल जब्त की है। वहीं, पिता लोचन प्रसाद के पास से एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया, जो गबन की रकम से खरीदा गया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 316(4), 316(5), 61(2) BNS के तहत न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

पुलिस ने सुलझाई साजिश की गुत्थी

यह पूरा मामला सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी से जुड़े गंभीर षड्यंत्र का उदाहरण बन गया है। जांच में पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले हैं जो दर्शाते हैं कि गबन की यह योजना कई महीनों से रची जा रही थी।

कार्रवाई में शामिल पुलिस दल

इस सफलता के पीछे निरीक्षक सागर पाठक (प्रभारी, सायबर सेल), स.उ.नि. विवेक कुमार सिंह, प्र.आर. मनोज तिग्गा, विवेक सिंह, राजकुमार चंद्रा, गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, रोहित कहरा, माखन साहू, शहबाज अहमद, श्रीकांत सिंह, प्रतीक सिंह (सायबर सेल जांजगीर) तथा थाना प्रभारी के.पी. सिंह सहित बम्हनीडीह थाना स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

पुलिस की नजर अब रकम के प्रवाह और संभावित अन्य सहयोगियों पर

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे षड्यंत्र में अन्य व्यक्ति या सट्टा नेटवर्क भी तो शामिल नहीं थे। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में गबन की रकम के ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा की गहन पड़ताल की जाएगी।

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Author: Kpn 24

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