
मनीष विद्यार्थी खरगोन
KPN24 :- आधुनिकता की चमक में जहां विलासिता और दिखावे की दौड़ लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं कुछ लोग चुपचाप पर्यावरण और समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। ऐसे ही एक नाम हैं—खरगोन बार एसोसिएशन के शांत, सादगीपूर्ण और मृदुभाषी अधिवक्ता एस.आर. कछावा।
सुविधाओं से सम्पन्न होने के बावजूद अधिवक्ता कछावा आज भी रोजाना लगभग 5 किलोमीटर साइकिल चलाकर कार्यालय और अदालत तक पहुंचते हैं। उनका मानना है कि “साइकिल से शरीर स्वस्थ रहता है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।” यही कारण है कि वे अक्सर वकीलों की परंपरागत कोट-पेंट वाली वेशभूषा में ही साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंच जाते हैं, जिसे देखकर लोग स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं।
ना रील, ना कोई दिखावा
तकनीक और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के बीच भी कछावा जी की सादगी वैसी ही बनी हुई है। वे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप जैसे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करते। उनके अनुसार, वकालत जैसे गंभीर पेशे में अनावश्यक तकनीकी व्यस्तता से दूरी रखना आवश्यक है। उनकी इसी सरल जीवनशैली का हर कोई सम्मान करता है।
पर्यावरण और मानवता को समर्पित जीवन
वकालत के दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर वे अपने गांव सिनखेड़ी भी जाते हैं, जहां प्रकृति के बीच रहना उन्हें संतोष देता है। वे निरंतर लोगों को संदेश देते हैं कि—
“साइकिल को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, यह स्वस्थ शरीर और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण—दोनों के लिए लाभकारी है।”
उनकी प्रेरणा यही है कि लोग छोटी-छोटी आदतों से भी बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।










