
KPN24:- बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट घोषित किए जाने के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता यहां की समृद्ध जैवविविधता, पक्षी आवास-विविधता और उत्कृष्ट जल संरक्षण प्रयासों का सम्मान है।
राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, पर्यावरण विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार के अंजोर विज़न 2047 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 20 वेटलैंड्स को रामसर दर्जा दिलाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
कोपरा जलाशय को रामसर दर्जा मिलने से प्रदेश में इको-टूरिज्म विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। इससे वेटलैंड संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।
पर्यावरण प्रेमियों ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि इस अमूल्य प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा तथा संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है, जिसे पूरा करके ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण का निर्माण कर सकते हैं।










