
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में जनजातीय समाज की परंपराओं पर हुए आघात और ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों के विरोध मे जांजगीर-नैला की धरती सामाजिक एकता की साक्षी बनी।
सर्व समाज छत्तीसगढ़ के आह्वान पर आयोजित ‘जांजगीर नगर बंद’ को नगरवासियों का व्यापक और स्वस्फूर्त समर्थन मिला। व्यापारियों से लेकर आम नागरिकों तक ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बना दिया।
भव्य पदयात्रा, नारों से गूंजा नगर
सुबह लगभग 9 बजे नैला के परशुराम चौक से विशाल पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। रैली में बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग हाथों में तख्तियां लिए शामिल हुए, जिन पर “अपनी संस्कृति–अपनी पहचान”, “जनजातीय परंपराओं की रक्षा करो” जैसे संदेश अंकित थे।
नारों की गूंज के साथ यह पदयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कचहरी चौक पहुँची, जहाँ पूरा वातावरण सामाजिक चेतना और एकजुटता से ओतप्रोत नजर आया।
व्यापारी वर्ग का ऐतिहासिक सहयोग
नगर बंद का असर व्यापक और प्रभावशाली रहा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स (इकाई जांजगीर) के आह्वान पर शहर की छोटी-बड़ी लगभग सभी दुकानें और व्यापारिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे।
विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि बंद से मुक्त रखी गई दवा दुकानें, स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल एवं शासकीय कार्यालयों ने भी आधा शटर गिराकर अथवा सीमित कार्य कर आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। व्यापारियों की इस एकजुटता की सर्व समाज ने मुक्त कंठ से सराहना की।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
रैली के समापन पर कचहरी चौक में आयोजित सभा के बाद अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि जनजातीय परंपराओं पर हो रहे हमलों और अवैध मतांतरण की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक आंदोलन
सर्व समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह संपूर्ण आंदोलन शांतिपूर्ण, अनुशासित और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा—
“आज उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि समाज अपनी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।”
इस सफल आयोजन के लिए सर्व समाज छत्तीसगढ़ ने नगर के व्यापारियों, युवाओं, मातृशक्ति एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।










