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जनजातीय गौरव की स्वर्णिम विरासत: मुख्यमंत्री साय ने किया शहीद गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण

रायपुर, 26 दिसम्बर 2025 | KPN24.com छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज का इतिहास केवल समृद्ध ही नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और आत्मसम्मान से परिपूर्ण प्रेरणादायी विरासत है। यह इतिहास अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, प्रकृति-संग जीवन और स्वाभिमान की अमूल्य सीख देता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले के गोड़लवाही में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी महासभा के कार्यक्रम में, बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर यह बातें कहीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विकास कार्यों का लोकार्पण एवं घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने गोड़लवाही में
1.21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन
1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपये की लागत से निर्मित 50 सीटर प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन
का लोकार्पण किया।
साथ ही गोड़लवाही से उमरवाही एवं उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, गोड़लवाही में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, स्कूल परिसर में बाउंड्रीवाल एवं अटल समरसता भवन निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान स्वामित्व योजना के तहत अधिकार पत्र तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए।
नक्सलवाद अंतिम दौर में – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हुई है। नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है।
डबल इंजन सरकार के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेज़ी आई है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांव शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ रहे हैं।
जनजातीय नायकों को समर्पित डिजिटल संग्रहालय
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा जनजातीय नायकों को समर्पित भव्य डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण किया गया है। इसमें अंग्रेजों के विरुद्ध हुए 14 बड़े जनजातीय विद्रोहों का सचित्र प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने सभी नागरिकों से रायपुर पहुंचकर संग्रहालय देखने का आग्रह किया।
जनजातीय समाज के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये
तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति बोरा
तेंदूपत्ता संग्रहण से 13 लाख परिवार लाभान्वित
श्रीरामलला दर्शन योजना से 38 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित
अतिथियों के विचार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि परलकोट से अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध स्वतंत्रता की मशाल जलाई गई थी। शहीद गैंदसिंह नायक के विचारों के अनुरूप आज आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी जनजातीय समाज का निर्माण हो रहा है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि आदिवासी समाज स्वतंत्रता संग्राम की अग्रिम पंक्ति में रहा है। बिरसा मुण्डा, वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, सुरेंद्र साय, तिलक मांझी जैसे महानायकों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा एवं अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ महासभा के डॉ. देवेंद्र माहला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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