
KPN24:- छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज के बीजापुर एवं सुकमा जिलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, निरंतर दबाव और मजबूत जमीनी नेटवर्क के चलते माओवादी संगठन की कमर तेजी से टूटती नजर आ रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, क्षेत्र में चलाए जा रहे योजनाबद्ध अभियानों से माओवादियों की गतिविधियाँ सीमित हुई हैं और उनके नेटवर्क में व्यापक गिरावट दर्ज की जा रही है। बस्तर अब भय और हिंसा के साए से बाहर निकलकर भरोसे, विकास और सुरक्षा के पथ पर तेजी से अग्रसर हो रहा है।
यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की अटूट प्रतिबद्धता, सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के सहयोग और विश्वास का प्रतिफल है।
सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता अपनाए हुए हैं, वे आत्मसमर्पण कर पुनर्वास नीति का लाभ लें और सम्मानजनक जीवन के साथ मुख्यधारा में लौटें। वहीं, जो हिंसा पर अड़े रहेंगे, उनके विरुद्ध सरकार और सुरक्षा बल पूरी क्षमता और दृढ़ संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात का अंतिम चरण है। बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित होता दिखाई दे रहा है।










