
KPN24:- छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु एवं भ्रष्टाचार-मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से मुंगेली जिले में जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में तथा राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट एवं मुख्य सचिव विकासशील के निर्देशों के अनुपालन में जिले की विभिन्न राइस मिलों पर छापामार कार्रवाई की गई।
इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की टीम शामिल रही। जांच के दौरान ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच उपरांत उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज तथा नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।
वहीं नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी, तथा लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।
जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है।
आईसीसीसी के माध्यम से धान खरीदी की सतत निगरानी
राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से धान उठाव का कार्य मिलर्स द्वारा किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए शासन द्वारा आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) स्थापित किया गया है।
आईसीसीसी के माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस ट्रैकिंग से जोड़ा गया है। यदि कोई वाहन तय मार्ग से भटकता है, अधिक समय तक एक ही स्थान पर रुकता है अथवा निर्धारित क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो उसकी जानकारी कमांड कंट्रोल पोर्टल पर तुरंत प्रदर्शित होती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाती है।
अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले की सीमाओं, चेक पोस्टों और आंतरिक मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। रात्रिकालीन गश्त के साथ-साथ संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
कोचियों एवं बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से धान खपाने पर अंकुश लगाने तथा खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए जिले में भी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।










