
जिला पंचायत सदस्य ओमप्रकाश सावले ने प्रशासन को घेरा
मनीष विद्यार्थी खरगोन।
KPN24:- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में स्थित Associated Alcohol & Breweries Limited द्वारा DWGS के नाम पर कथित रूप से बिना प्रोसेस्ड डिस्टिलरी वेस्ट को पशु आहार के रूप में बेचने का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है जिससे अब जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आने लगे हैं।
खरगोन जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-16 से निर्वाचित सदस्य ओमप्रकाश सावले ने इस गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को जिला पंचायत की आगामी साधारण सभा में उठाने के लिए औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया है।
जिला पंचायत आमसभा में उठेगा DWGS का मुद्दा
जिला पंचायत को दिए गए आवेदन क्रमांक 318/जि.पं./16/2026 (दिनांक 14 जनवरी 2026) में श्री सावले ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि—
कंपनी ZLD (Zero Liquid Discharge) नियमों का घोर उल्लंघन कर रही है
DWGS के नाम पर अनट्रीटेड स्टिलेज / स्पेंट वॉश को पशु चारे के रूप में बेचा जा रहा है
यह कार्य न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पशु और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है
यह आवेदन मध्यप्रदेश पंचायत (सम्मिलन की प्रक्रिया तथा कामकाज का संचालन) नियम 1994 की धारा 12 के तहत प्रस्तुत किया गया है।
ZLD नियमों की अनदेखी का विस्तृत आरोप
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी होने के बावजूद—
अपशिष्ट को डिकैंटेशन, एवेपोरेशन और ड्राइंग की प्रक्रिया से नहीं गुजारा जा रहा
बिना सुखाए गए गीले अपशिष्ट को ही DWGS बताकर बेचा जा रहा है
यह प्रक्रिया BIS IS 2052:2009 और CPCB दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है
पशु और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे की चेतावनी
आवेदन में वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें—
अधिक सल्फर से Polioencephalomalacia (PEM) जैसी घातक बीमारी
माइकोटॉक्सिन्स से लीवर डैमेज, प्रजनन समस्याएं
दूध में Aflatoxin M1 के माध्यम से मनुष्यों तक ज़हर पहुंचने की आशंका
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां डेयरी आजीविका का प्रमुख साधन है, इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा बताया गया है।
कानूनी धाराओं का स्पष्ट उल्लेख, कार्रवाई की मांग
आवेदन में निम्न कानूनों के उल्लंघन की बात कही गई है—
Water Act, 1974 (धारा 25, 43)
Environment Protection Act, 1986 (धारा 5, 15)
CPCB ZLD Guidelines
FSSAI और Food Safety Act, 2006 (धारा 59)
साथ ही मांग की गई है कि—
इस विषय को आमसभा के एजेंडे में शामिल किया जाए
कंपनी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए।
DWGS के अवैध परिवहन ZLD उल्लंघन
CPCB जांच से पहले साक्ष्य मिटाने के आरोप
जैसे मुद्दों को लगातार उजागर करता आ रहा है। अब जब यह मामला जिला पंचायत की आमसभा तक पहुंच गया है, तो यह साफ हो गया है कि यह मुद्दा दबने वाला नहीं है।
अब सवाल — क्या आमसभा के बाद टूटेगा सन्नाटा?
जनप्रतिनिधि के आधिकारिक हस्तक्षेप के बाद अब निगाहें जिला पंचायत प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यही है—
क्या अब ठोस कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?










