
KPN24 :- भारतीय सेना ने देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। सेना की इस कार्रवाई की पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने कसम खाई थी कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे।
22 अप्रैल से 7 मई के बीच भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ऐसा बहुत कुछ किया जिसने जता दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में कुछ आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी। पर्यटकों ने बताया था कि आतंकियों ने चुन-चुनकर गोली मारी थी।
इस हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की एक आपात बैठक में पाकिस्तान उच्चायोग को बंद करने और सिंधु जल समझौता खत्म करने की घोषणा की गई थी। साथ ही अटारी एकीकृत चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने और सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया था। साथ ही भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश जारी किया गया था।










