
कांग्रेस के बाद अब पार्षदों ने भी जताई गड़बड़ी की आशंका, कलेक्टर से की उच्च स्तरीय जांच और एफआईआर की मांग
मनीष विद्यार्थी खरगोन।
KPN24:- खरगोन जिला मुख्यालय के बिस्टान नाका पर स्थापित क्रांतिसूर्य शहीद टंट्या मामा की प्रतिमा को लेकर नगर पालिका परिषद खरगोन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले कांग्रेस के तीखे विरोध और धरना-प्रदर्शन के बाद अब खुद नगर पालिका के पार्षद ही प्रतिमा की गुणवत्ता और खरीदी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सामने आ गए हैं। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कांग्रेस द्वारा पहले ही प्रतिमा खरीदी में भ्रष्टाचार और क्रांतिकारी के अपमान का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की जा चुकी है। अब गुरुवार को नगर पालिका परिषद के पार्षदों ने भी खुलकर मोर्चा खोलते हुए प्रतिमा सप्लाय करने वाले ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
गांधी प्रतिमा पर पहुंचकर की ‘सद्बुद्धि’ की प्रार्थना
वार्ड क्रमांक 31 के पार्षद एवं मूर्ति स्थापना आयोजन समिति के अगुवा पार्षद भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में पार्षदों ने नगर पालिका परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान पार्षद चंदू तोमर, पूजा लक्की चोपड़ा, वल्लभ महाजन, तृप्ति रावत, जगन्नाथ सांवले सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले में संलिप्त लोगों को सद्बुद्धि देने की कामना की।
अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, खोली खरीदी की परतें
इसके पश्चात सभी पार्षद कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।
पार्षदों ने बताया कि नगर पालिका परिषद की पीआईसी से टंट्या मामा की प्रतिमा के लिए लगभग 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। टेंडर शर्तों के अनुसार प्रतिमा कांस्य (ब्रॉन्ज) या पत्थर की होनी थी।
लेकिन 15 नवंबर को जो प्रतिमा स्थापित की गई, वह एफआरपी (फाइबर रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक) मटेरियल की है, जो टेंडर शर्तों के पूर्णतः विपरीत है। पार्षदों का दावा है कि इस प्रतिमा की वास्तविक कीमत मात्र 75 हजार से 1 लाख रुपये के बीच है।

सोशल मीडिया ट्रोलिंग से आहत पार्षद, छवि धूमिल होने का आरोप
विरोध कर रहे पार्षदों का कहना है कि मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सभी पार्षदों को एक साथ ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि खराब हो रही है।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी ठेकेदार सहित अन्य जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
बैकफुट पर नगर पालिका, अब धातु की मूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी
लगातार बढ़ते विवाद और विरोध के बाद नगर पालिका परिषद खरगोन अब बैकफुट पर नजर आ रही है।
प्रेसीडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) ने 13 जनवरी को हुई बैठक में नया संकल्प पारित करते हुए क्रांतिसूर्य टंट्या मामा भील की धातु की प्रतिमा ससम्मान स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत नगर पालिका द्वारा 19 जनवरी को ऑनलाइन ई-टेंडर जारी किया गया है।
निविदा जमा करने की अंतिम तिथि: 2 फरवरी
निविदा खोलने की तिथि: 4 फरवरी
कार्यादेश के बाद 45 दिनों के भीतर मूर्ति स्थापना का कार्य पूर्ण किया जाएगा।










