
KPN24:- सक्ती जिले में तुषार के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित सप्तशक्ति संगम समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां गायत्री एवं मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इसके पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का पुष्पहार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रोपती चंद्रा रहीं। विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती ललिता केवट, ललित चंद्रा, श्रीमती गीतांजलि सोनी, श्रीमती विद्या महंत एवं श्रीमती देव कुमारी चंद्रा शामिल रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला वक्ताओं ने कहा कि महिला ही सृष्टि की जड़ है, महिला के बिना जीवन की कल्पना असंभव है। महिला में सहनशीलता, क्षमा, संघर्ष, करुणा, नेतृत्व, सृजन और शक्ति—ये सात गुण विद्यमान होते हैं, इसी कारण आज समाज में महिलाओं को प्राथमिकता मिल रही है।
वक्ताओं ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति के रूप में द्रोपती मुर्मू का होना और जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में द्रोपती चंद्रा की उपस्थिति, महिला नेतृत्व की सशक्त मिसाल है। आज भारत में महिला ही केंद्र बिंदु है—चाहे परिवार हो, समाज हो या शासन व्यवस्था।
महिला नेताओं ने कहा कि महिला ही जगत जननी है—वह दुर्गा है, काली है, लक्ष्मी है—और अपने सात रूपों में अपार शक्ति एवं सहनशीलता का परिचय देती है। महिलाओं ने महिलाओं को ही सशक्तिकरण का महत्व समझाया और कहा कि आज हर विद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के संचालक लीलाधर चंद्रा के मार्गदर्शन में किया गया। उल्लेखनीय रहा कि यह कार्यक्रम पूर्णतः महिलाओं के लिए आयोजित किया गया, जिसमें पुरुषों की भागीदारी नहीं रही।










