
KPN24 :- गौटिया पारा गोडिहारी में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस रुक्मणी मंगल विवाहोत्सव का दिव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचिका पूजा किशोरी ने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया कि रुक्मणी मंगल केवल एक प्रसंग नहीं, बल्कि विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने वाली अत्यंत मंगलमयी कथा है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध (उत्तरार्ध) के अध्याय 52 से 54 में वर्णित यह प्रसंग सनातन संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह कथा बताती है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया गौरी पूजन वैवाहिक जीवन में आने वाले हर व्यवधान को दूर करता है। कथावाचिका ने उल्लेख किया कि स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मणी जी को संदेश भेजकर गौरी पूजन का निर्देश दिया था, जिसके पश्चात उन्होंने उनका हरण कर विवाह किया।
भक्ति रस से सराबोर करते हुए पूजा किशोरी ने “हे गौरी मैया वरदान दो…” जैसे मधुर भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु झूमते नजर आए और वातावरण “राधे-कृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य बारात शोभायात्रा से हुई, जिसमें ग्रामीण घराती-बराती बनकर पूरे गांव में भ्रमण करते हुए विवाह उत्सव की जीवंत झांकी प्रस्तुत की। मंच पर यज्ञाचार्य पं. हितेंद्र जी ने विधिवत हल्दी, वरमाला एवं टिकावन की रस्म संपन्न कराई। व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचिका का पगड़ी पहनाकर पारंपरिक स्वागत किया गया।
विवाहोत्सव के इस पावन अवसर पर जनपद अध्यक्ष, मुख्य यजमान श्रीमती पुनिया पटेल, भरतलाल पटेल, मीडिया प्रभारी जितेंद्र तिवारी, संजू साहू, शुभम थवाईत, मनबोध पटेल, लक्ष्मीनारायण पटेल, शुभम डडसेना, जगराम पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संगीतीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, चढ़ोत्तरी एवं फूलों की होली के साथ हुआ। अंत में प्रेस क्लब बिर्रा द्वारा पूजा किशोरी को नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया।










