
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।
KPN24:- मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में बढ़ती जनसंख्या और अपराध दर को देखते हुए लंबे समय से जिला जेल की मांग हो रही है। इसको लेकर वर्षों से पत्राचार और मांगपत्रों के बाद बीते साल स्वीकृति मिलीऔर इसके लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत होकर पीआईयू को निमार्ण एजेंसी भी घोषित कर वर्क आर्डर तक दे दिया गया।
इसके बाद प्रस्तावित निर्माण स्थल को लेकर बवाल मचने लगा है। जिससे इसका निर्माण खटाई में पड़ता दिख रहा है।
दरअसल, जिस प्रस्तावित स्थल पर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम लोनी में निर्माण किया जाना है उसके आसपास नवोदय विद्यालय, एसटी-एससी और ओबीसी के आधा दर्जन होस्टल और डाईट कॉलेज पहले से संचालित है। ऐसे में पालकों का विरोध है कि इस एकेडमिक एरिया में जिला जेल बनाए जाने से विद्यार्थियों के भविष्य पर इसका बुरा असर पड़ेगा। ये सब संस्थाएं इतने आसपास है कि बच्चों से मिलने और बच्चों को लेने-छोडऩे आने वाले पालकों को जेल के सामने से ही गुजरना होगा और बच्चों का आमना-सामना आए दिन सजायाफ्ता बंदियों से होता रहेगा। इन बिंदूओं पर इन संस्थानों में पढऩे वाले बच्चों के पालक और आसपास के क्षेत्रवासी यहां जेल बनाने के विरोध में है और अब भी शिकवा-शिकायतों और स्थान परिवर्तन के लिए पत्राचार का दौर जारी है।
तो ऐसे बनेगी जिला जेल
निर्माण एजेंसी पीआईयू से मिली जानकारी के अनुसार करीब 73 करोड़ 44 लाख की लागत से बनने वाली सर्वसुविधायुक्त, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के संसाधनों से लैस इस परिसर में एडमिनिस्ट्रेटिव इन्ट्री गेट, प्रशासनिक ब्लॉक, बंदियों के लिए 20 बेड वाले बैरक, अस्पताल, एकेडमिक हॉल, गार्र्डन, मुलाकात कक्ष और वेटिंग एरिया सहित रसोईकक्ष बनाया जाना प्रस्तावित है। इसमें सीसीटीवी और वॉच टॉवर सहित आधुनिक सुरक्षा के तमाम संसाधन लगाए जाएंगे। जिससे जेल और बंदियों की सुरक्षा पुुख्ता हो सकें।
अब आगे क्या
दरअसल, जिला जेल निमार्ण के लिए प्रस्तावित स्थल को लेकर विरोध के स्वर और मुखर होने लगे है। जिससे इस स्थल पर तो निर्माण कार्य शुरु होना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। जबकि प्रस्तावित स्थल चयन के लिए जेल विभाग के प्रदेश के मुखिया डीजी जेल ने भी आकर मौका निरीक्षण के बाद स्वीकृति की मुहर लगाई थी। इसके बाद अब बढ़ते विवाद के बाद जिला प्रशासन स्थान परिर्वतन का मन बनाकर दूसरे स्थान के चयन की कवायद में जुटा है।
खंडवा जिला जिले का कम होगा दबाव
बता दें कि जिला जेल बन जाने से यहां के बंदियों को खंडवा तक लाने-ले जाने का पुलिस का सिरदर्द कम होगा। इसके साथ ही बंदियों के भागने या अन्य वारदातों को खतरा भी खतम होगा। साथ ही सरकारी खर्च और बंदोबस्त में लगे कर्मचारियों की सेवाओं को दूसरे कामों में लिया जा सकेगा, जिससे सरकारी टाईम मैनेजमेंट बेहतर होगा। इसके अलावा खंडवा जिला जेल पर हमारे जिले के बंदियों के जाने से पडऩे वाला अतिरिक्त कैदियों का दबाव भी कम होगा। खंडवा जेलर ललित दीक्षित ने बताया कि खंडवा जिला जेल की क्षमता 308 बंदियों को रखने की है। इसमें से करीब 50 बंदी बुरहानपुर के होते है। बुरहानपुर में जेल बनने से इतने बंदियों की संख्या में कमी हो सकती है।










