
KPN24:- 25 वर्ष पूर्व एक किराए के तीन कमरों से शुरू हुई यात्रा आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल गई है। चैतन्य महाविद्यालय, जो आज पामगढ़ और उसके आस-पास के अंचल में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है, ने इस वर्ष अपना रजत जयंती समारोह बड़े धूमधाम से मनाया।
इस महाविद्यालय की स्थापना की कहानी जितनी प्रेरणादायक है, उतनी ही संघर्षों से भरी भी है। महाविद्यालय के संस्थापक ने मंच से बोलते हुए बताया, “जब हमने चैतन्य कॉलेज की नींव रखी थी, तब पास सिर्फ एक ज़िद थी—अपने गाँव और अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का अवसर देना। संसाधनों की कमी थी, लेकिन इरादे बुलंद थे।”
एक छोटे किसान परिवार से आने वाले इस सपने को हकीकत में बदलने का सफर आसान नहीं था। लेकिन लोगों का सहयोग जुड़ता गया और आज चैतन्य महाविद्यालय एक ऐसा संस्थान बन चुका है, जिसने हज़ारों विद्यार्थियों को ज्ञान की छांव में शिक्षित किया है।
इस अवसर पर यह भी साझा किया गया कि चैतन्य महाविद्यालय को हाल ही में NAAC द्वारा A ग्रेड (3.17 CGPA) और ऑटोनोमस दर्जा प्राप्त हुआ है, जो इस संस्था की गुणवत्ता, मेहनत और टीमवर्क का प्रमाण है।
इन 25 वर्षों में महाविद्यालय ने न केवल नए कोर्सों की शाखाएं जोड़ीं, बल्कि गुणवत्ता के मानकों को भी मजबूती से कायम रखा। अब यह संस्था सिर्फ एक महाविद्यालय नहीं, बल्कि एक शिक्षा आंदोलन का प्रतीक बन चुकी है।
समारोह में विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में संस्थापक ने सभी को विश्वास दिलाया कि चैतन्य महाविद्यालय आने वाले दशकों में और भी ऊंचाइयों को छुएगा और शिक्षा के क्षेत्र में एक समृद्ध केंद्र बन कर उभरेगा।










