
KPN24:- छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। “स्वस्थ तन, स्वस्थ मन” योजना 2007 के अंतर्गत जिला सक्ती में स्थित विभागीय छात्रावासों एवं आश्रमों में निवासरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु निजी चिकित्सकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इस योजना के तहत वे छात्रावास एवं आश्रम चिह्नित किए गए हैं जहां शासकीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है। संबंधित कार्य के लिए एम.बी.बी.एस. एवं बी.ए.एम.एस. डिग्रीधारी निजी चिकित्सकों को 08 अगस्त 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन करने का अवसर दिया गया है। आवेदन पत्र निर्धारित दस्तावेजों सहित सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, सक्ती कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक या सीधे जमा किए जा सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्रिवर्षीय अल्टरनेटिव मेडिसिन उपाधि वाले चिकित्सकों के आवेदन मान्य नहीं होंगे। चयनित चिकित्सकों को अनुबंध के तहत जिले में स्थित 50 सीटर छात्रावासों के लिए प्रति भ्रमण ₹750 तथा 100 सीटर छात्रावासों के लिए ₹1200 मानदेय दिया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक चिकित्सक को प्रति माह न्यूनतम दो बार संबंधित छात्रावासों में जाकर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण करना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत चिकित्सक को प्रत्येक छात्रावास के लिए स्वास्थ्य पंजी में विवरण दर्ज करना होगा। आवेदन के साथ चिकित्सकीय योग्यता, अनुभव प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं पंजीयन प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है। चिकित्सकों के चयन की प्रक्रिया जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा की जाएगी, जिसका निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। यह पहल न केवल छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके मानसिक एवं शैक्षणिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।










