
KPN24:- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटालों में नाम आने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई निर्धारित की गई है।
याचिका में भूपेश बघेल ने कोर्ट से आग्रह किया है कि उन्हें इन मामलों में किसी भी प्रकार से गिरफ्तार न किया जाए और जांच में सहयोग करने का अवसर दिया जाए। बघेल ने यह भी दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी की आशंका राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने इस संदर्भ में अपने बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए कहा कि जिस प्रकार राजनीतिक द्वेष के चलते चैतन्य को गिरफ्तार किया गया, उसी प्रकार उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
यह याचिका ऐसे समय में दायर की गई है जब इन मामलों की जांच ईडी, ईओडब्ल्यू समेत कई केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तेज़ी से की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि वे जांच में पूर्ण सहयोग को तैयार हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तारी से राहत दी जाए।
गौरतलब है कि इससे पहले शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा ने भी सुप्रीम कोर्ट में इसी प्रकार की अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। अब भूपेश बघेल की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की सोमवार को होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर टिकी हुई है।










