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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट जाने को कहा

KPN24:- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत के लिए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इन अर्जियों पर शीघ्र सुनवाई करे।

याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कई सख्त टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने एक ही याचिका में पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) की विभिन्न धाराओं की वैधता को चुनौती देने के साथ-साथ व्यक्तिगत राहत (जमानत) की भी मांग की है, जो कि उचित नहीं है।

कोर्ट ने सवाल उठाया कि पिता-पुत्र सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचे?

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने टिप्पणी की, “जब कोई प्रभावशाली व्यक्ति होता है, तो वह सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाता है। अगर हम ही हर मामले की सुनवाई करेंगे तो अन्य अदालतों का क्या उपयोग रह जाएगा? फिर गरीब और आम आदमी कहां जाएंगे?”

पीठ ने साफ किया कि प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने के नाम पर अंतिम राहत नहीं मांगी जा सकती। कोर्ट ने कहा, “एक ही याचिका में आप सब कुछ नहीं मांग सकते। इसके लिए तय प्रक्रिया और मंच मौजूद हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने को कहा और निर्देश दिया कि हाईकोर्ट इस पर तत्काल विचार करे। साथ ही कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि अगर पीएमएलए की धारा 50 और 63 की वैधता को चुनौती देनी है, तो इसके लिए अलग से याचिका दाखिल की जाए।

यह मामला छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच जारी है और कई राजनीतिक हस्तियों की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।

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Author: Kpn 24

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