
KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत महिलाओं को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
बलौदा विकासखंड के ग्राम रसोटा की महिलाओं ने रक्षाबंधन पर्व को अवसर में बदल दिया है। यहां की जागृति स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, चावल, ऊन, रूद्राक्ष, रंगीन मोती, स्टोन जैसे विभिन्न सजावटी सामग्रियों से सुंदर, आकर्षक और पर्यावरण-सुरक्षित राखियों का निर्माण कर रही हैं। इन राखियों की खासियत यह है कि ये न केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की डोर को मजबूत करती हैं, बल्कि पारंपरिक कला को भी जीवित रखती हैं।
समूह की सचिव श्रीमती सुनीता अनंत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें घर पर ही रोजगार प्राप्त हुआ है। वे पिछले तीन वर्षों से गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर राखियों का निर्माण कर रही हैं। ये राखियां स्थानीय हाट-बाजारों और दुकानों में बेची जा रही हैं, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
रक्षाबंधन के नजदीक आते ही इन हस्तनिर्मित राखियों की मांग स्थानीय बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। समूह की महिलाएं स्वयं ही बिक्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे उन्हें विपणन कौशल में भी दक्षता प्राप्त हो रही है।
इस तरह, ग्राम रसोटा की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि अगर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण महिलाएं भी स्वावलंबन की मिसाल बन सकती हैं। रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व के माध्यम से वे न केवल अपनी संस्कृति को आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं।










