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झोलाछाप बंगाली डॉक्टर का बेखौफ इलाज, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़; प्रशासन मौन

KPN24 :- जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह ब्लॉक के बिर्रा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हो गई है। हर सौ मीटर की दूरी पर बिना डिग्री और लाइसेंस के फर्जी डॉक्टर क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बंगाली डॉक्टर दीपक विश्वास पर गंभीर आरोप
बिर्रा क्षेत्र में बंगाली मूल के दीपक विश्वास नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी चिकित्सा योग्यता और लाइसेंस के वर्षों से इलाज किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि दीपक विश्वास खुद को डॉक्टर बताकर गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहा है, और ग्रामीणों को सस्ती दवाइयों के नाम पर आकर्षित कर रहा है। कई बार इलाज के बाद मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें शासकीय या निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है।

मौजूद हैं प्रतिबंधित और एक्सपायरी दवाएं
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त झोलाछाप डॉक्टर के पास प्रतिबंधित गर्भपात की दवाएं, बीपी-शुगर की दवाएं, इंजेक्शन, सीरिंज और कई प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं का भारी मात्रा में स्टॉक मौजूद है। यह दवाएं क्लीनिक और घर दोनों स्थानों पर रखी जाती हैं। इतना ही नहीं, कई बार मरीजों को एक्सपायरी और गलत दवाएं दी गईं, जिससे उनकी स्थिति और भी बिगड़ गई। वहीं, इलाज के नाम पर मरीजों से मनमाने पैसे वसूलने का भी आरोप है।

संयुक्त टीम की निष्क्रियता पर उठे सवाल
फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है, लेकिन बम्हनीडीह ब्लॉक में अब तक किसी भी झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है।

किसका संरक्षण प्राप्त है बंगाली झोलाछाप डॉक्टर को?
बिर्रा क्षेत्र में लंबे समय से इलाज कर रहे फर्जी डॉक्टर दीपक विश्वास पर कार्रवाई न होने से यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर उसे प्रशासन के किस अधिकारी या जनप्रतिनिधि का संरक्षण प्राप्त है? क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक या विभागीय मिलीभगत है? यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, बल्कि ग्रामीणों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।

ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना देरी के झोलाछाप डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा हो सके। साथ ही, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि इस तरह की लापरवाही पर लगाम लगाई जा सके।

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Author: Kpn 24

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