
KPN24:- छत्तीसगढ़ का बस्तर अब सिर्फ अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 11 सितंबर को बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन करने जा रहा है।
इससे पहले इन्वेस्टर कनेक्ट दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर सहित टोक्यो, ओसाका और सियोल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आयोजित किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से अब तक ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
औद्योगिक नीति 2024–30 की विशेषताएँ
₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली या 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन।
औषधि निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा, बस्तर में होटल, इको-टूरिज़्म, वेलनेस सेंटर और खेल सुविधाओं पर 45% तक सब्सिडी।
स्टील सेक्टर की इकाइयों को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट।
समावेशी विकास पर जोर
नीति में एससी/एसटी उद्यमियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को 10% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक वेतन पर 40% (अधिकतम ₹5 लाख प्रति वर्ष) सब्सिडी का प्रावधान है।
200 से अधिक निवेशकों की उपस्थिति
सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशक, उद्योगपति और स्थानीय उद्यमी शामिल होंगे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण MoU साइन होने की संभावना है, जो बस्तर की विकास यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “हमारी सरकार बस्तर के युवाओं को कौशल और अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। औद्योगिक नीति की हर पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और समृद्धि को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।”










