
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रमिक बच्चों के लिए शुरू की गई “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह योजना निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि श्रमिक समाज के हित में अपना जीवन खपाते हैं, लेकिन अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना उनके लिए कठिन हो जाता है। “हमारा संकल्प है कि मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी तक सीमित न रहे, बल्कि आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और जनप्रतिनिधि बने।”
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार ने यह योजना प्रारंभ की है। इसके तहत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा मिलेगी, जिसका पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि अब वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि श्रम विभाग के सहयोग से इस वर्ष 100 बच्चों का दाखिला 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग श्रमिक बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित कर रहा है। पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से दिया गया है।
इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में लगभग 30 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं और उनके बच्चों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने चयनित बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ और अभिभावक उपस्थित रहे।











