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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रजत जयंती समारोह

KPN24:- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन महामहिम राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर न्यायाधीशों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में रजत जयंती स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

राज्यपाल का संबोधन

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के साथ ही इस उच्च न्यायालय की नींव रखी गई थी। तब से यह संस्था संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ी है। उन्होंने लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण की सराहना की और कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों तक सीमित न रहे बल्कि गांव-गरीब और आमजन तक सर्वसुलभ हो।

राज्यपाल ने प्रथम मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक एवं उनके उत्तराधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय दिए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का उद्बोधन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अवसर हमारे लिए गर्व का है क्योंकि प्रदेश की रजत जयंती के साथ-साथ हाईकोर्ट और विधानसभा भी अपनी रजत जयंती मना रहे हैं। उन्होंने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया, जिनकी दूरदर्शिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विधि एवं विधायी विभाग के बजट में लगातार वृद्धि की गई है। हाईकोर्ट ने डिजिटल न्यायिक प्रक्रियाओं को अपनाकर पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है, जिनमें वर्चुअल कोर्ट, लाइव स्ट्रीमिंग, डिजिटल रिकॉर्ड रूम और न्यायिक प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं।

न्यायाधीशों के विचार

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए हमें समेकित विजन के साथ आगे बढ़ना होगा ताकि न्यायपालिका जनकल्याण के अंतिम उद्देश्य तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वोत्तम उद्देश्य है।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा ने हाईकोर्ट की स्थापना से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए बधाई दी।

केंद्रीय राज्य मंत्री का वक्तव्य

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि यह केवल 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में न्यायपालिका की निरंतर भूमिका का सम्मान है।

मुख्य न्यायाधीश का स्वागत भाषण

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को मजबूत करने का कार्य किया है।

समापन

समारोह के अंत में न्यायाधीश संजय के अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के मुख्य न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीश, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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