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एग्रीस्टैक पंजीयन में आ रही समस्याओं का मौके पर ही समितियों में होगा समाधान, किसान न हों परेशान

KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धान खरीदी केंद्रों की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने और कार्य को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन में आ रही समस्याओं का समाधान मौके पर ही समितियों में करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

इसी के तहत जिला प्रशासन द्वारा 15 से 17 अक्टूबर तक सभी सहकारी समितियों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। किसानों को अब तहसील या अन्य दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। शिविर में ही उनका पंजीयन और सुधार कार्य मौके पर पूरा किया जाएगा।

इन शिविरों में तहसीलदार, पटवारी एवं सीएससी ऑपरेटर उपस्थित रहेंगे ताकि किसानों की किसी भी प्रकार की समस्या का तत्काल समाधान हो सके। किसानों को 31 अक्टूबर 2025 तक एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। बिना पंजीयन के किसान समर्थन मूल्य पर धान विक्रय नहीं कर सकेंगे।

किसानों से अपील की गई है कि वे आधार कार्ड, बी-1 एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ समितियों में पहुंचें, ताकि पंजीयन या सुधार का कार्य उसी समय पूरा किया जा सके।

त्रुटियों के समाधान हेतु मॉड्यूल आधारित प्रक्रिया शुरू

एग्रीस्टैक पंजीयन के दौरान कुछ किसानों के रकबे स्वचालित रूप से अपलोड नहीं हो पाए थे, जिसके कारण खरीदी केंद्रों की सूची में अंतर देखने को मिला। अब इन त्रुटियों को सुधारने के लिए मॉड्यूल आधारित समाधान प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

सहकारी समिति स्तर पर ही किसानों के रकबे मिलान और सुधार का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो — इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

हर किसान को खरीदी से पूर्व अपने रकबे और विवरण दुरुस्त करने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि 15 नवंबर से आरंभ होने वाली धान खरीदी में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।

कलेक्टर ने किया एग्रीस्टैक पंजीयन शिविर का आकस्मिक निरीक्षण

कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में तीन दिवसीय विशेष अभियान (15 से 17 अक्टूबर) चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समितियों में बैठकर किसानों के पंजीयन सुधार कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करें।

कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री में छूटे हुए खसरा जुड़वाने के लिए गांव-गांव में मुनादी कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उन्होंने सारागांव में आयोजित शिविर का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसान पोर्टल में खसरा मिलान के बाद ही पंजीयन किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने पंजीयन कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि आगामी धान खरीदी से पहले यदि पंजीयन सुधार कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं रही, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही उन्होंने सभी समितियों में सतत मॉनिटरिंग, बीएलई की उपस्थिति और खसरा सुधार प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

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Author: Kpn 24

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