
KPN24:-:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को राहत देते हुए कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री (रजिस्ट्री) के लिए ऋण पुस्तिका (किसान किताब) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
यह निर्णय रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाएगा। नागरिकों को अब अनावश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया तेज़ व सरल हो जाएगी।
राजस्व विभाग के ऑनलाइन रिकॉर्ड अब पंजीयन सॉफ्टवेयर से एकीकृत हो गए हैं, जिससे सभी सत्यापन कार्य ऑनलाइन होंगे। यह कदम राज्य में सुशासन और तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ी पहल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा —
“यह निर्णय किसानों और नागरिकों दोनों के लिए राहतकारी है। अब रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल और भ्रष्टाचार-मुक्त होगी। दिवाली पर यह निर्णय जनता के प्रति सरकार की आत्मीयता और सुशासन का प्रतीक है।”
वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा —
“कृषि भूमि की रजिस्ट्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना प्रशासनिक सरलता और पारदर्शिता की दिशा में ऐतिहासिक सुधार है।”
यह कदम दिवाली पर छत्तीसगढ़वासियों के लिए सुशासन और जनसुविधा की नई रोशनी लेकर आया है।










