
KPN24:- छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
उन्होंने अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति, नवाचार तथा न्याय एवं सेवा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस हमें न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपने दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की सर्वोच्च जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक को त्वरित, सुलभ और निष्पक्ष न्याय प्राप्त हो सके तथा न्यायालय समाज में विश्वास और न्याय के केन्द्र के रूप में कार्य करें।
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक व्यवस्था में नवाचार, समावेशिता और उत्कृष्टता की भावना के साथ अनेक सुधार किए गए हैं। न्यायालय ने तकनीकी एकीकरण, विधिक सहायता तंत्र को सुदृढ़ करने तथा लंबित मामलों में कमी लाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए हैं। इसके साथ ही जनहित के विषयों पर न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जा रही है।
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक अवसंरचना को सशक्त बनाने और न्यायिक कार्यों की पारदर्शिता बढ़ाने में सभी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की यह उपलब्धि उत्कृष्टता, सेवा और सुधार की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगी।
अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा —
“जय छत्तीसगढ़”










