
KPN24:- चन्दनाहू समाज के गौरव, उत्कृष्ट व्यक्तित्व व कृतित्व के धनी डॉ. मणीशंकर चन्द्रा को हाल ही में मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर से प्रबंधन विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त होने पर क्षेत्र में हर्ष की लहर है। समाज के लोगों, शुभचिंतकों व बंधुजनों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षा और सेवाभाव का अद्भुत संगम
ग्राम भोथीडीह (जैजैपुर) के मूल निवासी व वर्तमान में रायपुर में निवासरत डॉ. मणीशंकर चन्द्रा का जन्म 03 जुलाई 1975 को साधन सम्पन्न कृषक परिवार में हुआ। पिता स्व. नारायण सिंह चन्द्रा व माता स्व. श्रीमती रमा बाई चन्द्रा (मायका-करिगांव) के सात संतानों में आप छठवें हैं। परिवार में कई सदस्य शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित हैं—
जिनमें बड़े भाई रामेश्वर प्रसाद चन्द्रा और परमेश्वर प्रसाद चन्द्रा सेवानिवृत्त प्राचार्य हैं, जबकि केशव प्रसाद चन्द्रा जैजैपुर विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके हैं।
शैक्षणिक यात्रा में अनुकरणीय उपलब्धियां
डॉ. चन्द्रा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गृहग्राम भोथीडीह से प्राप्त की। उच्चतर माध्यमिक शिक्षा भारत माता स्कूल बिलासपुर से सम्मानजनक अंकों के साथ पूर्ण की। इसके बाद शासकीय साइंस कॉलेज बिलासपुर से बीएससी (गणित) और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स) में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया।
सन् 2000 में वे पुलिस विभाग में सुबेदार पद पर चयनित हुए और तत्पश्चात कोरबा, महासमुंद, कबीरधाम, दुर्ग, धमतरी व रायपुर जिलों में विभिन्न पदों पर उत्कृष्ट सेवा दी। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ पुलिस के इंटेलिजेंस शाखा रायपुर में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं।
लगातार अध्ययन की मिसाल
नौकरी के साथ-साथ डॉ. चन्द्रा ने शिक्षा का क्रम निरंतर जारी रखा। उन्होंने
एलएलबी,
पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक,
इतिहास, समाजशास्त्र, राजनीतिक शास्त्र, लोक प्रशासन एवं हिंदी में एमए,
दिल्ली विश्वविद्यालय से ह्यूमन राइट्स में पीजी,
सीवी रमन विश्वविद्यालय से पीजीडीसीए,
और स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई से एमबीए (एचआर एवं मार्केटिंग मैनेजमेंट) की डिग्रियाँ प्राप्त कीं।
अब उन्होंने प्रबंधन विषय में पीएचडी उपाधि हासिल कर समाज का गौरव बढ़ाया है।
पुलिस प्रशिक्षण में योगदान
डॉ. चन्द्रा द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकें — पुलिस लाइन प्रबंधन व बंदोबस्त प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था — वर्तमान में सुभाषचंद्र बोस एकेडमी चंद्रखुरी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में पाठ्यक्रम के रूप में शामिल हैं।
पारिवारिक जीवन और सामाजिक योगदान
आपका विवाह जैजैपुर निवासी स्व. जगदीश प्रसाद चन्द्रा की सुपुत्री श्रीमती पदमा चन्द्रा से हुआ है।
दो संतान — पुत्र प्रतिक चन्द्रा (फिल्म मेकिंग एवं सिनेमोटोग्राफी में अध्ययनरत, दिल्ली) और पुत्री हर्षिता चन्द्रा (मॉन्ट्रियल, कनाडा स्थित मैकगिल यूनिवर्सिटी में ह्यूमनिटी विषय से स्नातक) — उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आप PALAK नामक आध्यात्मिक संस्था से जुड़े हैं जो धर्म और संस्कृति के उत्थान हेतु सक्रिय है।
सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक
आपको उत्कृष्ट सेवा, प्रबंधन कौशल व सामाजिक योगदान के लिए राज्य सरकार, पुलिस विभाग व विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
आपकी उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं और समाज के लिए गौरव का विषय हैं।










