
KPN24:- जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिला प्रशासन ने एक बार फिर सामाजिक जागरूकता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए बाल विवाह की एक घटना को होने से पहले ही रोक दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल और जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में, पुलिस विभाग के सहयोग से विकासखंड पामगढ़ के ग्राम कमरीद में कार्रवाई की गई। प्राप्त सूचना पर तत्काल टीम मौके पर पहुँची और जांच के दौरान यह पाया गया कि विवाह योग्य आयु से कम, मात्र 16 वर्ष 05 माह की बालिका का विवाह तय किया गया था।
अधिकारियों ने बालिका एवं उसके परिजनों से संवाद करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों – जैसे स्वास्थ्य पर विपरीत असर, शिक्षा में रुकावट, और बालिकाओं के अधिकारों के हनन – की जानकारी दी। समझाइश के बाद, परिजनों ने समाज के हित में एक सराहनीय निर्णय लेते हुए स्वयं विवाह को स्थगित करने की सहमति दी।
स्थानीय जनों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता से विवाह न करने का घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर करवाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानूनन लड़कियों के लिए विवाह की आयु 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है, जिसका पालन समाज के हर व्यक्ति को करना चाहिए।
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह कदम न केवल एक बाल विवाह को रोकने की मिसाल है, बल्कि समाज में फैलती जागरूकता का प्रतीक भी — जो यह संदेश देता है कि हर बच्ची को शिक्षा, अवसर और सम्मान के साथ अपने सपनों को जीने का अधिकार है।










